हमारे उद्देश्य

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हम क्या करते हैं

प्रभात कृष्ण अरोरा चैरिटेबल सोसायटी समाज के सभी वर्गों की भलाई के लिए विभिन्न क्षेत्रों में काम करती है।

1

मानव जीवन को समाज कल्याण हेतु प्रशिक्षित करना तथा लोगों के रहन-सहन के स्तर में सुधार कराना व जनजीवन सुव्यवस्थित कराना।

2

महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने के लिये प्रयास करना।

3

बच्चों को भविष्य निर्माण हेतु प्रशिक्षित करना।

4

जगह-जगह हवन यज्ञ आयोजित कर वातावरण को शुद्ध करना व प्रदूषण रहित वातावरण तैयार करना।

5

चिड़ियों, चींटियों व जीवमात्र के भोजनपानी की यथा सम्भव व्यवस्था करनी।

6

भूखों को भोजन, प्यासों को पानी, बीमारों को दवाई व फल इत्यादि को व्यवस्था करनी।

7

उन बड़े-बूढ़ों को जो चलने फिरने में परेशान हैं। सहारे को बेंत (लाठी) तथा आँखों से जो कमजोर हैं उनको चश्मों की व्यवस्था कराना।

8

परदेसियों व जरूरतमन्द मुसाफिरों को यथा सम्भव सहयोग व सहायता प्रदान करना।

9

फुलवारी (बाग-बगीचों) को लगाने के लिये कोठी-बंगले वालों या जिनके पास जगह जमीन है उनको प्रोत्साहित करना ताकि धरती माँ का श्रृंगार हो सके।

10

स्कूल के छोटे बच्चों को जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर हैं उनको कोर्स की किताबें, कापियाँ, बस्ते, पैन, पेन्सिल आदि दान स्वरूप प्रदान करना।

11

संस्था द्वारा हाई स्कूल, इण्टर कॉलेज, डिग्री कॉलेज व हायर एजूकेशन हेतु सम्पूर्ण भारतवर्ष में कॉलेजों की श्रृंखला स्थापित करना।

12

छोटे, मध्यम एवं बड़े हॉस्पिटल्स (चिकित्सालयों) की स्थापना करना।

13

अच्छे एवं स्वच्छ होटल्स, भोजनालयों की स्थापना करना ताकि जनता के खाने पीने की व्यवस्था में सुधार हो सके।

14

अच्छे साहित्य का निर्माण कर जन-जन तक पहुँचाने की व्यवस्था करनी।

15

जिम एवं व्यायामशालाओं की स्थापना करनी।

16

देश भर में सौन्दर्य बढ़ाने हेतु ब्यूटी पार्लर्स की व्यवस्था करना।

17

संस्था के उद्देश्यों को मुखरित एवं प्रदर्शित करते हुए किया कलापों के प्रदर्शन हेतु मासिक पत्रिका एवं पाक्षिक समाचार पत्र का प्रकाशन करना।

18

अल्प बचत योजनाओं की ओर बच्चों, महिलाओं तथा आम जनता को प्रोत्साहित करना।

19

नये व्यापार व इण्डस्ट्रीज के स्थापना हेतु, विशेषज्ञों के दल द्वारा सलाह एवं सहयोग प्रदान करना।

20

साहित्यकारों, गीतकारों, कवियों तथा विद्वानों को एक मंच प्रदान करना तथा नये विचारों से समाज का पथ प्रदर्शन करते हुए समाज में नवीन चेतना का जाग्रीकरण करना।

21

समाज में परस्पर सहयोग, सामन्जस्य और सद्भाव पैदा करना तथा आपसी कटुता, बैरभाव तथा द्वेषभाव को समाप्त करके प्रेम से रहने के लिये प्रोत्साहित करना।

22

समाज में खाद्य पदार्थों में हो रही मिलावट तथा नकली दवाइयों, मिलावटी घी, तेल आदि को रोकने के लिये जन जागरण एवं जन चेतना जाग्रत करना तथा सरकारी एवं कानूनी सहायता के द्वारा स्वास्थ्य की रक्षा करना।

अन्य सेवाएं

  • मन्दिरों का जीर्णोद्धार कराना
  • बगीचों का जीर्णोद्धार कराना
  • आश्रमों का जीर्णोद्धार कराना
  • व्यायाम-शालाओं, अखाड़ों का जीर्णोद्धार
  • कुरीतियाँ निवारण
  • समाज में स्वास्थ्य के सुधार के प्रयास
  • जन सहयोग बढ़ाने के लिये प्रयास
  • जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार

संस्था के उद्देश्य

सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के अन्तर्गत पंजीकृत

  1. संस्था का उद्देश्य गायों की सेवा करना, लावारिस गायों को अपने संरक्षण में लेकर पालन-पोषण करना, गायों की चिकित्सा व्यवस्था करना उनकी देखभाल करना तथा गौशाला की स्थापना एवं सुधार कार्य करना साथ ही गौशालाओं में जाकर समस्त प्रकार की जानकारियाँ हासिल करना।

  2. संस्था का उद्देश्य निर्धन, अनाथ, अपंग बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने हेतु विद्यालय, पुस्तकालय, वाचनालय, व्यायामशाला, अखाड़ा आदि की स्थापना करना व बच्चों की पढ़ाई हेतु सहयोग करना।

  3. समाज की निर्धन कन्याओं का दहेज रहित सामूहिक विवाहों का आयोजन कराना एवं परित्यक्ताओं व विधवाओं को पुनर्विवाह हेतु प्रेरित करना तथा सहयोग करना।

  4. समाज के उपेक्षित लोगों जैसे-अन्धे, कुष्ठ रोगी विकलांगों व निराश्रित लाचार वृद्धजनों के कल्याण के लिये कार्य करना एवं बाल आश्रम, अनाथालय, वृद्धाश्रम की स्थापना करना।

  5. युवाओं में राष्ट्रीय एकता, सामुदायिक विकास आपसी सद्भावना जैसे-मूल्यों का विकास करना तथा उनके प्रचार प्रसार में सहयोग देना राष्ट्रीय विकास और समाज सेवा के कार्यक्रमों के संचालन में सहयोग प्रदान करना तथा बेरोजगारों को निःशुल्क शिक्षण-प्रशिक्षण प्रदान कर स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भर बनाना।

  6. पर्यावरण सुधार हेतु जागरुकता शिविरों का आयोजन कर नागरिकों को पर्यावरण विकास के लिये प्रेरित करना एवं जगह-जगह वृक्षारोपण कराना एवं पर्यावरण रक्षा गोष्ठियों का आयोजन कर बढ़ते प्रदूषण को कम करने का हर सम्भव प्रयास करना।

  7. संस्था का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों की सुविधा हेतु क्रीड़ाकेन्द्र, सामुदायिक केन्द्रों एवं अन्य धर्मार्थ संस्थानों, शिक्षा संस्थानों, धर्मशाला, बगीचों, निःशुल्क औषधालयों, वृद्धाश्रम, अनाथाश्रम का निर्माण व संचालन की पूर्ण व्यवस्था करना तथा निर्धन व विकलांगों के लिये पुस्तक, भोजन, वस्त्र, आवास एवं चिकित्सा आदि निःशुल्क उपलब्ध कराना।

  8. समाज में व्याप्त कुरीतियों व सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का प्रयास करना साथ ही विधिक परामर्श देना/दिलाना तथा अतिवृष्टि, बाढ़, सूखा, भूकम्प, आदि दैवीय प्रकोप के समय राहत शिविरों आदि का आयोजन कर पीड़ितों की हर सम्भव सहायता करना।

  9. संस्था का उद्देश्य समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों, गोष्ठियों, स्वास्थ्य रक्षा शिविरों, राहत शिविरों, जन जागृति शिविरों, कला प्रदर्शनी का आयोजन करना, निःशुल्क प्रौढ़ शिक्षा, अनौपचारिक शिक्षा कार्यक्रम, बालश्रम उन्मूलन कार्यक्रम, गरीबी उन्मूलन एवं मद्य निषेध कार्यक्रम चलाना।

  10. १०

    मानव जीवन को समाज कल्याण हेतु प्रशिक्षित करना तथा लोगों के रहन-सहन के स्तर में सुधार कराना व जनजीवन सुव्यवस्थित कराना।

  11. ११

    बच्चों को भविष्य निर्माण हेतु प्रशिक्षित करना।

  12. १२

    जगह-जगह हवन यज्ञ आयोजित कर वातावरण को शुद्ध करना व प्रदूषण रहित वातावरण तैयार कराना।

  13. १३

    चिड़ियों, चींटियों व जीवमात्र के भोजन पानी की यथा सम्भव व्यवस्था करना।

  14. १४

    भूखों को भोजन, प्यासों को पानी, बीमारों को दवा व फल इत्यादि की व्यवस्था करना।

  15. १५

    चलने-फिरने में असमर्थ वृद्ध-वृद्धाओं को सहारे के लिये बैंत एवं आंखों से जो कमजोर हैं उनको चश्मों की व्यवस्था कराना।

  16. १६

    परदेसियों व जरूरतमन्द मुसाफिरों को यथा सम्भव सहयोग व सहायता प्रदान करना।

  17. १७

    फुलवारी (बाग-बगीचों) को लगाने के लिये प्रोत्साहित करना ताकि धरती माँ का श्रृंगार हो सके।

  18. १८

    आर्थिक दृष्टि से कमजोर स्कूल के छोटे बच्चों को पाठ्य पुस्तकें, कापियाँ, बस्ते, पैन, पैन्सिल आदि प्रदान कर सहायता करना।

  19. १९

    संस्था द्वारा हाई स्कूल, इण्टर कॉलेज, डिग्री कॉलेज व हायर एजूकेशन हेतु सम्पूर्ण भारतवर्ष में कॉलेजों की श्रृंखला स्थापित करना।

  20. २०

    निर्धन रोगियों की सहायतार्थ छोटे, मध्यम एवं बड़े चिकित्सालयों की स्थापना करना।

  21. २१

    जनता के खाने पीने की व्यवस्था में सुधार हेतु अच्छे एवं स्वच्छ भोजनालयों की स्थापना करना।

  22. २२

    मानसिक उन्नति हेतु अच्छे साहित्य का प्रकाशन कर जन-जन तक पहुँचाने की व्यवस्था करना।

  23. २३

    शारीरिक उन्नति हेतु व्यायामशालाओं की स्थापना करना।

  24. २४

    महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने एवं देश भर में सौन्दर्य बढ़ाने हेतु ब्यूटी पार्लर्स, बुटीक्स एवं कुटीर उद्योग धन्धों की स्थापना करना।

  25. २५

    संस्था के उद्देश्यों को प्रचारित एवं प्रदर्शित करने हेतु मासिक पत्रिका एवं पाक्षिक समाचार पत्र का प्रकाशन करना।

  26. २६

    बच्चों, महिलाओं तथा आम जन को अल्प बचत योजनाओं की ओर प्रोत्साहित करना।

  27. २७

    नये व्यापार व उद्यागों की स्थापना हेतु विशेषज्ञों के दल द्वारा सलाह एवं सहयोग प्रदान करना।

  28. २८

    साहित्यकारों, गीतकारों, कवियों तथा विद्वानों का एक मंच प्रदान करना तथा नये विचारों से समाज का पथ प्रदर्शन करते हुये समाज में नवीन चेतना का जागरीकरण करना।

  29. २९

    समाज में परस्पर सहयोग, सामन्जस्य और सद्भाव पैदा करना तथा आपसी कटुता, बैर भाव तथा द्वेषभाव को समाप्त करके प्रेम से रहने के लिये प्रोत्साहित करना।

  30. ३०

    नकली दवाओं के विक्रय तथा खाद्य पदार्थों में हो रही मिलावट को रोकने के लिये जन जागरण एवं जन चेतना जागृत करना तथा सरकारी एवं कानूनी सहायता के द्वारा स्वास्थ्य की रक्षा करना।

हमारा दृष्टिकोण

हम मानते हैं कि समाज की सच्ची प्रगति तभी संभव है जब हम सभी वर्गों - मानव, पशु और पर्यावरण - की देखभाल करें। हमारे सभी कार्यक्रम करुणा, समानता और स्थिरता के मूल्यों पर आधारित हैं।

17+

वर्षों का अनुभव

7+

प्रमुख कार्य क्षेत्र

बच्चों के जीवन में आशा और विश्वास

एक बेहतर कल की ओर सार्थक कदम